भारत-पाकिस्तान की साझी अदालत बने तत्काल – भरत गांधी

कुलभूषण जाधव जैसे लोगों को न्याय मिले इसके लिए जरूरी है कि भारत पाकिस्तान की एक साझी अदालत बनाई जाए, जिसमें दोनों ही देशों के जज रहें। पाकिस्तान के किसी नागरिक के बारे में भारत की अदालत फैसला देगी तो निश्चित रूप से वह फैसला पूर्वाग्रह से ग्रस्त होगा। ठीक इसके विपरीत भारत के किसी नागरिक के बारे में पाकिस्तान की अदालत न्याय देगी, तो वह फैसला पूर्वाग्रह से ग्रस्त होगा ही। इसलिये यह जरूरी है कि न्याय भी हो और न्याय दिखाई भी पड़े। इसके लिए जरूरी है कि केवल भारत ही नहीं बल्कि भारत के सभी पड़ोसी देशों की एक साझी अदालत बनाई जाए और इसके लिए तत्काल प्रभाव से एक अंतर्राष्ट्रीय संधि की जाए।

असम में चल रही है राजनीति सुधारकों की ट्रेनिंग को संबोधित करते हुए श्री भरत गांधी ने कहा की संधि का मसौदा उन्होंने सभी देशों के विदेश मंत्रियों को विचार करने के लिए 15 सितंबर 2015 को ही भेज रखा है, भारत सरकार उसी संधि की पैरवी करें तो काम बन जाएगा। आर्ट ऑफ सक्सेस और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल की असम कमेटी द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित राजनीति सुधारकों की ट्रेनिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और उसके पड़ोसी देशों का एक साझा वतन बनाया जाए, इस वतन की केवल अदालत ही नही, अपितु इस अदालत को काम करने के लिए कानून भी बनाए जाएं। इन कानूनों को बनाने के लिए दक्षिण एशियाई वतन की शाझी संसद और सरकार भी बनाया जाए। श्री गांधी ने कहा कि योग के 27 देश मिलकर ऐसा कर चुके है।

राज्य व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर दर्जनों पुस्तकों के लेखक श्री भरत गांधी ने कहा कि टेलीविजन चैनलों की जो नई भूमिका पैदा हो गई है उसको देखते हुए अब इस काम को टाला नहीं जा सकता। श्री भरत गांधी ने कहा कि टेलीविजन चैनलों के मालिक पैसा कमाने के लिए देश की जनता में इतना ज्यादा गुस्सा भर दें रहे हैं कि ना चाहते हुए भी पड़ोसी देशों में युद्ध हो जाएगा और इस युद्ध में टेलीविजन चैनलों के मालिक नहीं मारे जाएंगे बल्कि भारत और पाकिस्तान के गरीब बच्चे मारे जाएंगे जो दोनों देशों की सेनाओं में काम कर रहे हैं।

श्री भरत गांधी ने राजनीतिक सुधारको के प्रशिक्षण शिविर में दूसरे दिन बोलते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान की शाझी अदालत, साझी संसद और साझी सरकार बन जाने के बाद सुरक्षा पर किया जा रहा बहुत सारा वह खर्च बच जाएगा जो आज अमेरिका को रक्षा सौदों की खरीद में भेजना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह बची हुई रकम दोनों देश अपने अपने देश की जनता के समृद्धि पर खर्च कर सकते हैं इससे दोनों ही देशों की विकास दर बढ़ जाएगी और भविष्य में एक नहीं, सभी कुलभूषण जाधवों को न्याय मिल सकेगा।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार श्री भरत गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय कुलभूषण जाधव जैसे लोगों को न्याय नहीं दिला सकता क्योंकि फांसी दिया जाए या न दिया जाए यह फैसला अंत में सुरक्षा परिषद करेगी। जिसमें चीन सहित केवल 5 देशों के मुखिया हैं। एक भी देश का मुखिया अगर कुलभूषण जाधव को फांसी पर लटकाने के पक्ष में चला गया तो कुलभूषण जाधव को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय फांसी से बचा नहीं सकता। जब भारत चीन को अपना दुश्मन मानता रहा है, तो दुश्मन से न्याय की उम्मीद भारत को क्यों करनी चाहिए? श्री गांधी ने कहा कि यह सही वक्त है यह आदमी सही नहीं दुनिया के स्तर पर भी कानून का राज कायम किया जाए इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय संधि किया जाए उन्होंने कहा कि इस संधि का यह मसौदा उनकी टीम ने पूरी तरह तैयार करके रखा हुआ है और दुनिया के 198 देशों के सरकारों को विचार करने के लिए उनके समक्ष प्रस्तुत किया है।

0 replies

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *