Report of two days conference of state unit of Assam (27 and 28 Dec 2021 at Rangia)

वर्ष 27 व 28 दिसबंर को असम के जिला कामरूप के रंगिया शहर में आयोजित वीपीआई के पदाधिकारियों का राज्य स्तरीय सम्मेलन। सम्मेलन में पार्टी के नीति निदेशक श्री विश्वतम मुख्य अतिथि थे। श्रीमती बबीता शर्मा गोयल ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। श्री ललित पेगू पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने सम्मेलन का संचालन किया। सम्मेलन में देहराजी, लखीमपुर, विश्वनाथ, सोनितपुर, उदलगुड़ी, द्रंग, बक्शा, चिरांग, कोकराझर, धुबरी, बोंगगांव, ग्वालपाड़ा, कामरूप, नौगांव, और गुवाहाटी के लगभग 800 पदाधिकारियों ने भाग लिया।

कई निर्णय लिए गए, प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए कई सवालों के जवाब दिए गए, कई संकल्प पारित किए गए और प्रतिभागियों की कई शिकायतों का निराकरण किया गया, कई सुझाव प्रस्तुत किए गए और दो दिनों के सम्मेलन में कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

 

नीतिगत मुद्दों पर चर्चा

एजेंडा- पिछले चुनावों में पार्टी द्वारा प्राप्त कम वोटों को देखते हुए, भविष्य में चुनाव 20 वर्षों के लिए लड़े या स्थगित किए जाने चाहिए?

निर्णय- सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि पार्टी भविष्य में होने वाले चुनावों में अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने के लिए संगठनात्मक ढांचे में सुधार करेगी और पार्टी को भविष्य में चुनाव लड़ते रहना चाहिए। 

 

अंक-2

एजेंडा- क्या हमें अपने मुख्य मिशन की अनदेखी करते हुए भी चुनाव जीतने की नीति अपनानी चाहिए?

निर्णय-यह सर्वसम्मति से हल किया गया था कि पार्टी अपने मिशन के साथ जुड़े रहेंगे इसलिए प्रस्ताव को अस्वीकार करने का फैसला किया गया ।

 

अंक-3

एजेंडा- ऐसे क्या उपाय किए जाने चाहिए ताकि जो लोग पैसे में सक्षम हों, ज्ञान में सक्षम हों और जोखिम उठाने में सक्षम हों- वे बिना पैसे और वेतन की मांग किए पार्टी संगठनों में काम करना चाहेंगे?

क्या उपाय किया जाये जिससे कि धन में, ज्ञान में और जोखिम लेने में योग्य लोग बिना पैसे के पार्टी संगठन में काम करें?

निर्णय-सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि पार्टी एक समिति बनाएगी जो ऐसे लोगों की पहचान करेगी और वित्तीय संकट में रहने के लिए मजबूर बहुमत के लिए प्यार और स्नेह पैदा करेगी और सभी परिवारों की शांति और बढ़ती समृद्धि में लगाव पैदा करेगी ।

 

अंक-4

एजेंडा- एक हाथ में पार्टी की संप्रभुता बनाए रखने और पार्टी के विकास के लिए पार्टी के अधिकतम पदाधिकारियों के ज्ञान और अनुभवों को शामिल करने का क्या तंत्र हो सकता है। 

निर्णय- सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि एक हाथ में पार्टी की संप्रभुता बनाए रखने और अधिकतम पदाधिकारियों के ज्ञान और अनुभवों को शामिल करने के उद्देश्य से पार्टी पार्टी के संविधान का कड़ाई से पालन करेगी । इसलिए पार्टी की विशेष इकाई की सभी शक्तियां उक्त इकाई के अध्यक्ष के हाथों में निहित होंगी और राष्ट्रपति संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपनी इकाई चलाएंगे । यह ब्लॉक, सर्कल, सेक्टर और विलेज जैसी प्रत्येक एक्शन लेवल इकाइयों पर समान रूप से लागू होता है। यह भी संकल्प लिया जाता है कि उपरोक्त कारणों से किसी भी उच्च स्तरीय इकाई के निर्णयों के कारणों को अपनी निचले स्तर की इकाई को दिए जाने की आवश्यकता नहीं है ।

 

अंक-5

एजेंडा- मुस्लिम विरोधी ताकतों द्वारा निर्देशित मुस्लिम राजनेताओं से मुस्लिम समुदाय की रक्षा कैसे करें? 

निर्णय- यह देखा गया है कि मतदाता समुदाय का विभाजन उनके आर्थिक हितों के लिए खतरनाक है । यह भी देखा गया है कि समुदायों और उसके राजनेताओं के बीच संघर्ष दोषपूर्ण चुनाव प्रणाली का परिणाम है । इसलिए, सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि मतदाताओं के हमारे मिशन में सफलता प्राप्त करने के लिए मतदाताओं की एकता को पार्टी द्वारा मजबूत किया जाना चाहिए । साथ ही मुस्लिम एकता के नाम पर मुस्लिम विरोधी समुदायों के खिलाफ मुस्लिमों को भड़काने के एवज में मुस्लिम विरोधी ताकतों से ली गई रिश्वतखोरी का पर्दाफाश करने का संकल्प लिया। 

अंक-6

एजेंडा- एनजीओ के रूप में हमारी छवि को आक्रामक और गतिशील राजनीतिक दल में बदलने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?

निर्णय- निर्णय- सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि चुनाव में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से चुनाव प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

 

एजेंडा- मतदाता शक्ति अधिकार के संघर्ष में पीएम किसान सम्मान निधि और अरुणोदय योजनाओं के लाभार्थियों को कैसे तैनात किया जा सकता है?

निर्णय- सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि वीपीआई में हर स्तर पर किसान मोर्चा या किसान मोर्चा के नाम पर नया मोर्चा बनाया जाएगा। साथ ही संकल्प लिया कि वीपीआई में हर स्तर पर अरुणोदय मोर्चा या अरुणोदय लाभार्थी मोर्चा के नाम से नया मोर्चा बनाया जाएगा।

 

सवाल और जवाब

सवाल- वोटरशिप का पैसा कब मिलेगा?

उत्तर- जब राज्य/देश की सरकार इस आशय का कानून पारित करेगी तभी।

 

संगठनात्मक प्रश्न

 

प्रश्न- पार्टी को दिए गए चंदे में पार्टी की विभिन्न वर्टिकल यूनिट्स का हिस्सा क्या है?

जवाब- बताया गया कि पार्टी के संविधान के अनुसार शेयर बॉटम लेवल यूनिट्स में सबसे ज्यादा है और टॉप लेवल पर सबसे कम होगा।

सवाल- बीजेपी जैसी फासीवादी ताकत को सत्ता से हटाने के लिए क्या वीपीआई को ममता बनर्जी की पार्टी के साथ गठबंधन बनाना चाहिए? 

जवाब- वीपीआई बीजेपी को सत्ता से हटाने और देश में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आईएनसी को कंपनी बनाने की शर्त पर ही टीएमसी के साथ गठबंधन बना सकता है।

सवाल- क्या चंदा सीधे ब्लॉक और जिला समिति के कार्यकर्ताओं को दिया जाना चाहिए?

जवाब- पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी दान वीपीआई के बैंक खाते में जमा कराए जाएंगे।

सवाल- वीपीआई के लिए चंदा इकट्ठा किया गया है या फीस?

जवाब- वीपीआई के लिए जनता से सारा पैसा इकट्ठा किया जाता है, यह केवल चंदा है।

 

सवाल- क्या वोटों को अन्य गठबंधन दलों के लिए हस्तांतरणीय बनाया जाना चाहिए? 

जवाब- गठबंधन दलों के साथ पार्टी सदस्यों के आचरण के मामले में अलग से प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। यह तभी संभव है जब अन्य गठबंधन दलों के वोट वीपीआई में शिफ्ट होंगे।

सवाल- कितने साल बाद प्राइमरी मेंबरशिप और पीएमए नंबर खत्म हो रहा है?

उत्तर-पीएमए 4 साल बाद समाप्त नहीं हो रहा है।

 

सवाल- क्या पीएमए नहीं। वर्ष के उल्लेख के बिना प्रासंगिकता है ।

जवाब- पीएमए नहीं। बेकार है अगर वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है क्योंकि इसकी पहचान नहीं की जा सकती है।

 

सवाल- कितने साल बाद पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है?

जवाब- पदाधिकारियों का कार्यकाल 4 साल बाद समाप्त हो रहा है। अगले चुनाव नवंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक कराए जाएंगे।

 

प्रश्न- पदाधिकारियों को पद और स्तर कौन तय करता है/ आवंटित करता है?

उत्तर- पदों और स्तरों को अंततः ऊपरी स्तर की इकाइयों द्वारा और चुनाव के माध्यम से और पार्टी संविधान प्रासंगिक दिशा-निर्देशों के अनुसार आवंटित किया जाता है ।

 

सवाल- नवीनीकरण की व्यवस्था और दान राशि क्या है? 100 रुपये

उत्तर- नवीनीकरण न्यूनतम दान द्वारा किया जा सकता है 100 रुपये और यह केवल ऑनलाइन विधि से किया जाना चाहिए

 

चुनाव से जुड़े सवाल

 

सवाल- अगर किसी पार्टी को ठोस राशि दान करते हैं तो ओ मानसिकता संपन्न उम्मीदवार कैसे फायदेमंद होते हैं?

जवाब- ओ मानसिकता संपन्न उम्मीदवार अगर किसी पार्टी को बिना किसी संदेह के ठोस राशि दान करते हैं तो फायदेमंद होते हैं । 

 

सवाल- लंबे संघर्ष के बावजूद कोई परिणाम क्यों नहीं निकला? इतने सालों में हमारी पार्टी को जनता ने पहचान क्यों नहींा दिया?

जवाब- बड़े राजनीतिक दलों की तुलना में हमारा संघर्ष काल बहुत कम है। हमारी पार्टी सदस्यता और पार्टी कार्यकर्ताओं के कार्यों के अनुपात के अनुसार जनता द्वारा मान्यता प्राप्त है।

 

सवाल- हमें अपने सक्रिय कार्यकर्ताओं की संख्या के बराबर भी वोट नहीं मिल रहा है, क्यों?

जवाब- संगठनात्मक एकता, बूथ स्तरीय कमेटी का गठन और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस में शिकायत कोई न कोई समाधान है।

 

सवाल- हमारे समर्थकों को पैसे के लालच में पड़ने से रोकने के लिए क्या तंत्र है और वर्तमान मीडिया कथा?

जवाब- संगठनात्मक एकता, बूथ स्तरीय कमेटी का गठन और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस में शिकायत कोई न कोई समाधान है।

 

सवाल- चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ता खुद यहां-वहां क्यों जाते हैं, दूसरे दलों के पास जाते हैं?

उत्तर- कुछ वीपीआई सदस्यों और कार्यकर्ताओं में राजनीतिक परिपक्वता विकसित नहीं होती है।

 

सवाल- चुनाव के दौरान वीपीआई कार्यकर्ताओं को लुभाया जाता है और धमकी दी जाती है, क्या कदम उठाए जाएं?

जवाब- संगठनात्मक एकता, बूथ स्तरीय कमेटी का गठन और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस में शिकायत कुछ समाधान है।

 

सवाल- दूसरे दल हमारे कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करते हैं, समाधान क्या है?

जवाब- संगठनात्मक एकता, बूथ स्तर की कमेटियों का गठन और थानों में शिकायतें ही कुछ समाधान हैं।

 

सवाल- वोटों को पॉलिटिकल डलों से कैसे बचाना है?

जवाब- संगठनात्मक एकता, बूथ स्तरीय कमेटी का गठन और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस में शिकायत कुछ समाधान है।

 

सवाल- वीपीआई वर्कर्स वीपीआई के लिए 5 साल में 1825 दिन काम करते हैं लेकिन चुनाव के दौरान दलाल पार्टियों के लिए कई काम करते हैं, क्यों?

जवाब- हर स्तर पर कार्यकर्ताओं के चरित्र निर्माण की जरूरत है।

 

सवाल- कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में कम सदस्य ज्यादा वोट लेकिन कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में ज्यादा सदस्य कम वोट- क्यों?

उत्तर- ऐसा केवल तभी होता है जहां वीपीआई कामगारों के लिए खतरे की आशंका अधिक होती है। संगठनात्मक एकता, बूथ स्तरीय कमेटी का गठन और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस में शिकायत कुछ समाधान है।

 

सवाल- वोटर में देरी के कारण गरीब लोग उम्मीद खो रहे हैं। फंड की कमी के कारण हम चुनाव हार गए। हम चाय, भोजन, यात्रा का खर्च पेश करने में असमर्थ हैं।

जवाब- चुनाव जीतने का पारंपरिक तरीका वीपीआई का मकसद पूरा नहीं कर सकता। 

 

सवाल- क्या पार्टी ने ब्लॉक और जिले के कार्यकर्ताओं को वेतन देने का वादा किया था?

जवाब- पार्टी कंपनी नहीं है, इसलिए पार्टी द्वारा दिए जाने वाले वेतन का कोई प्रावधान नहीं है।

 

सवाल- क्या पार्टी रैलियों में आने वाले खर्च के एवज में कुछ पैसे देगी?

जवाब- रैलियों में आना और राजनीतिक दलों के लिए काम करना सामाजिक कार्य और सामाजिक कार्य हैं। यही कारण है कि वीपीआई मांग कर रहा है कि सरकार को इन कार्यों को पहचानना चाहिए और ऐसे सामाजिक/राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भुगतान करने के लिए कानून बनाना चाहिए ।

 

सवाल- सरकार रशान नहीं देती अगर टीका नहीं है तो क्या करे?

जवाब- राजनीतिक दल होने के नाते हम टीकाकरण पर टिप्पणी नहीं कर सकते।

 

सवाल- क्या हमने आज बीजेपी के सामने सरेंडर नहीं किया है?

उत्तर- नहीं, वीपीआई ने वही किया जो पार्टी के सभ्य कैडर और कानून का पालन करने वाले नागरिकों से अपेक्षा की जाती है। फिर भी इस संबंध में कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

 

सवाल- कई लोगों का कहना है कि उनके पास सिर्फ आरडीआर है, सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड नहीं?

जवाब- ऐसे सदस्यों को सदस्यता, आईडी कार्ड और सर्टिफिकेट पाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल करना चाहिए।

 

सवाल- सदस्य पार्टी को मासिक चंदा क्यों नहीं देते?

जवाब- ऊपरी स्तर के पदाधिकारियों को पहले अपने स्तर पर शुरुआत करनी चाहिए, फिर निचले स्तर की इकाइयों को पार्टी का समर्थन करने के लिए नियमित चंदा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

 

सवाल- पहले जारी पासबुक के साथ क्या हुआ?

जवाब- सेक्टर और ग्राम समितियों की कमी के कारण वीपीआई के सदस्य मासिक दान का लाभ नहीं समझ रहे हैं। हालांकि अब ऑनलाइन सिस्टम होने से पासबुक की कोई प्रासंगिकता नहीं रह जाएगी।

 

सवाल- कार्यकर्ताओं में अविश्वास व्यापक रूप से क्यों देखा जाता है?

जवाब- हर स्तर पर कार्यकर्ताओं के चरित्र निर्माण की जरूरत है।

 

सवाल- वरिष्ठ कार्यकर्ता काम नहीं करते, क्या कदम उठाए जाने चाहिए?

जवाब- कम से कम वार्षिक, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के एक दिन के प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

 

सवाल- क्या राजनीति पैसा कमाने का क्षेत्र है?

जवाब- राजनीति पैसा कमाने का मंच नहीं है यही वजह है कि व्यापक रूप से फैला भ्रष्टाचार और राजनीतिक अपराध देखा जाता है। हालांकि, जब आरडीआर प्रणाली को कानून द्वारा अनुमोदित किया जाएगा तो राजनीति में लोगों को उनकी सेवा के लिए पारिश्रमिक मिलेगा और भ्रष्टाचार को रोका/कम किया जाएगा ।

 

सवाल- सुरक्षा स्वयंसेवकों को फिर से सक्रिय कैसे किया जा सकता है?

उत्तर- उचित प्रशिक्षण, पुनरुद्धार, नई भर्तियां।

 

सवाल- मौसम चिकित्सा, ध्यान और स्वास्थ्य कक्षाओं को प्रशिक्षण में शामिल किया जाना चाहिए?

जवाब- हां, इससे हमारी पार्टी में विशिष्टता बढ़ेगी और यह सभी के लिए फायदेमंद होगा।

 

सवाल- हमें आक्रामक होना चाहिए, मैंने खुद पुलिस से लड़ाई लड़ी।

जवाब- हम सभी को अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की जरूरत है।

 

सवाल- गोरेश्वर ब्लॉक को दो क्षेत्र में क्यों बांटा जाए?

जवाब- ब्लॉक एरिया को सर्किलों के 4 क्षेत्रों में बांटा जा सकता है।

 

सवाल- जनता को लामबंद करने के लिए क्रांतिकारी सोच कैसे पैदा करें?

उत्तर- नियमित रूप से उचित प्रशिक्षण और उदाहरण के रूप में अपना व्यवहार देकर।

 

सवाल- पीएम किसान निधि, अरुणोदय, वृद्धावस्था पेंशन के कारण बीजेपी का वोट बढ़ रहा है?

जवाब- हमें जनता को सूचित करके जनता को शिक्षित करने की जरूरत है कि सरकार द्वारा दिया गया पैसा कम है और यह प्रति व्यक्ति आय (यानी वर्ष 2021 में गणना के अनुसार 8000 रुपये) के आधे से कम नहीं होना चाहिए। जनता के प्रति जागरूकता से स्थिति बदलेगी और लोग वीपीआई के लिए मतदान शुरू करेंगे।

 

आरडीआर से संबंधित प्रश्न

सवाल- भविष्य में आरडीआर ऑनलाइन या ऑफलाइन दिया जाएगा?

उत्तर- आरडीआर प्रमाण पत्रों के नंबर सॉफ्टवेयर द्वारा ऑनलाइन दिए जा सकते हैं और पार्टी के कैडर का नेटवर्क आवेदकों को ऑफलाइन डिलीवर कर सकता है।

 

सवाल- आरडीआर कब दिया जाएगा?

उत्तर- वीपीआई द्वारा केवल आरडीआर के लिए प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे और हम सरकार के साथ अपनी मांग उठाते रहेंगे कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को राजनीतिक और सामाजिक कार्यों के लिए उनकी सेवा के बदले भुगतान करने के लिए कानून बनाए जाएं ।

 

निर्णय

गुवाहाटी में मासिक प्रदर्शन किए जाएंगे। धरने के लिए दो कार्यकर्ताओं की ड्यूटी जिला स्तर पर और गुवाहाटी में तैनात की जाएगी।

2. शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाएगी। ऑनलाइन शिकायत फार्म हर समय 24x7 पर खुला रहेगा।

3. सभी पदाधिकारियों का चुनाव प्रशिक्षण अलग से 6 मासिक आयोजित किया जाएगा।

4. सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) की नेटवर्किंग शुरू की जाएगी।

5. ऊपरी स्तर की इकाइयां नियमित निर्देश जारी करेंगी और कार्य और आरडीआर प्रमाण पत्र के मूल्यांकन के लिए नियमित अनुवर्ती कार्रवाई भी की जाएगी।

6. ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदनों पर नियमित ध्यान दिया जाएगा और विभिन्न रिक्तियों के लिए प्राप्त आवेदनों पर साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा ।

7. सीएस, डीजीपी, डीसी, एसडीओ और एसपीएस के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने के लिए राज्य और जिला स्तर पर प्रशासनिक समन्वय प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। 

8. कार्यालय भवन के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन डोनेशन अभियान 5 जनवरी, 2022 से शुरू किया जाएगा।

9.चैनल वार और अखबार वार मीडिया प्रतिनिधियों की नियुक्ति किया जाए.

10. प्रशिक्षण के लिए केंद्रीय/क्षेत्रीय कार्यालयों में सोशल मीडिया के लिए रोस्टर ड्यूटी जरूरी है ।

 

सुझाव

1. बूथ इकाई के गठन से स्वत वोट बढ़ जाएंगे। 

2. ईवीएम हटाने के लिए अभियान जरूरी है। 

3. हमें धैर्य के साथ अहिंसक रूप से लड़ना चाहिए। हम श्री विहत्वमा सर की कंपनी का लाभ उठाने के लिए भाग्यशाली हैं जो वर्तमान दिन के अंबेदकर हैं । 

4. प्रभावशाली/प्रभावी नेताओं की भर्ती की जानी चाहिए (बैहटा अस्पताल मामले और न्यू बोंगईगांव प्रशिक्षण मामले के संदर्भ में)।

शिकायतें और कार्रवाई

शिकायत- उच्च स्तर के पदाधिकारियों द्वारा कोई सम्मान नहीं देखा जाता है

सम्मान प्राप्त करने के लिए आत्म व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण के उन्नयन की आवश्यकता है। सम्मान देना सम्मान पाने का सबसे अच्छा तरीका है।

 

शिकायत- प्रदेश कार्यालय सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।

कार्रवाई- वैकल्पिक सक्षम पदाधिकारियों तक राज्य स्तर पर काम करने के लिए वर्तमान पदाधिकारियों को अनुशासन बनाए रखने के लिए पालन करना चाहिए।

 

शिकायत- नागालैंड मामले के दौरान तारणी जी, सुलेमान आदि पर भरोसा क्यों नहीं किया गया? उन्हें जमानत औपचारिकताएं पूरी किए बिना लौटने के लिए क्यों कहा गया?

 

कार्रवाई- क्योंकि उनकी जान को खतरा था। वकील बबीता शर्मा गोयल ने स्थिति बताई। यह सलाह दी जाती है कि नगालैंड मामले की तरह ऊपरी स्तर के पदाधिकारियों पर अविश्वास पार्टी के लिए खतरनाक है और अगर विश्वास खो जाता है तो आत्महत्या के लिए । फैसलों का सम्मान करने की जरूरत है ।

 

शिकायत- ब्लॉक और जिला समिति के सदस्य पार्टी द्वारा विधिवत अधिकृत नहीं हैं इसलिए स्थानीय प्रशासन पहचान नहीं है। 

 

कार्रवाई- पदाधिकारियों को आईडी कार्ड जारी करने के बाद राज्य कमेटी द्वारा संबंधित जिलों के डीसी, पुलिस अधीक्षक एसडीओ को परिपत्र जारी कर उन्हें पदाधिकारियों का ब्यौरा दिया जाएगा।

 

शिकायत- मुझे ललित पेगू पसंद नहीं है।

कार्रवाई- यह शिकायतकर्ता का व्यक्तिगत मुद्दा हो सकता है। पार्टी के किसी विशेष कार्यकर्ता की व्यक्तिगत पसंद से नहीं सामूहिक निर्णय से पदाधिकारी मनोनीत या निर्वाचित होते हैं। व्यक्तिगत पसंद और नापसंद बड़ा अच्छा के लिए जगह नहीं होनी चाहिए ।

 

शिकायत- बिस्तर और भोजन की व्यवस्था केवल शीर्ष नेताओं के लिए अप-टू-डेट है।

कार्रवाई- ऐसे कई उदाहरण हैं जब शीर्ष नेता/कार्यकर्ता बिना किसी शिकायत के कई बार पार्टी के एक चपरासी के काम कर रहे होते हैं । सामूहिक रूप से हमें छोटे-मोटे मुद्दों से उठने की जरूरत है ।

 

शिकायत- ढुलू समिति के कार्यकर्ताओं की सुस्ती की शिकायत पेश की गई।

कार्रवाई- पुनर्गठन धुबरी समिति का कार्य राज्य इकाई द्वारा किया जाएगा।

 

शिकायत- मुसलमानों और बोरो कार्यकर्ताओं के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है।

कार्रवाई- सम्मेलन के प्रतिभागियों द्वारा इस आरोप की पुष्टि नहीं की गई।

 

शिकायत- इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कार्रवाई- जिला और प्रदेश स्तर पर एक कमेटी बनाई जाएगी।

 

शिकायत- ब्लॉक और जिला कार्यालय खर्च के लिए फंड का स्रोत क्या है?

कार्रवाई- ऑनलाइन सिस्टम के बाद इस शिकायत का समाधान हो जाएगा।

 

शिकायत- मजदूरों के व्यथित होने पर किसी को परवाह नहीं है।

कार्रवाई- संकल्प लिया गया कि अधीनस्थ समितियों के पदाधिकारियों की देखभाल के लिए हर स्तर पर एक टीम बनाई जाएगी।

 

शिकायत- नीचे बताए गए कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत पेश की गई-

1. विपुल नरजारी 

2. अबू सामा 

3. सैफुल चौधरी- 

4. राजेश नसरी 

5. सूरज ब्रह्मा 

6. मवाटकांग, 

7. नूर इस्लाम

8. चिरांग और कोकराझर की समिति के सभी सदस्य

नीचे उल्लिखित पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायतों की सुनवाई यह मामला राज्य की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के पास था ।


Report of two days conference of state unit of Assam (27 and 28 Dec 2021 at Rangia)

A state level conference of office bearers of state of Assam of the VPI held in the Rangiya Town of district Kamrup, Assam on dated 27 and 28th of December, 2021. Sh. Vishwatma, the policy Director of the party was chief guest in the conference. Smt Babita Sharma Goyal presided over the conference. Sh. Lalit Pegu the state President of the party conducted the conference.

many decisions were taken, answers of many questions asked by the participants were given, many resolutions were passed and many complaints of participants were redressed, many suggestions were submitted and discussion on many issues were made in two days conference.

Discussion on policy issues

Issue-1

Agenda- Looking less votes obtained by the party in previous elections, the elections in future should be continued to contested or postponed for 20 years?

Decision- It was unanimously resolved that the party will improve the organizational structure to get its candidates elected in future elections and the party should be continue to contest elections in future.

 

Issue-2

Agenda- Should we adopt the policy of winning elections even ignoring our main mission?

Decision- It was unanimously resolved that the party will remain connected with its mission hence therefore the proposal was decided to get declined.

 

Issue-3

Agenda- What measures should be taken so that people who are capable in money, qualified in knowledge and able to take risk- would like to work in party organizations without demanding money and salary?

क्या उपाय किया जाये जिससे कि धन में, ज्ञान में और जोखिम लेने में योग्य लोग बिना पैसे के पार्टी संगठन में काम करें?

Decision- It was unanimously resolved that the party will form a committee which will identify such people and will inculcate love and affection for the majority forced to live in financial crunch and will inculcate attachment in maintaining peace and growing prosperity of all households.

 

Issue-4

Agenda- What may be the mechanism to maintain sovereignty of party in one hand and incorporate the knowledge and experiences of maximum office bearers of party to grow the party.

Decision- It was unanimously resolved that for the purpose of maintaining sovereignty of party in one hand and incorporate the knowledge and experiences of maximum office bearers the party will strictly follow the constitution of the party. Hence therefore all the powers of particular unit of the party will be vested in the hands of the president of said unit and the president will run its unit as per the provisions of the constitution. it is equally applicable on each Action Level units like Block, Circle, Sector and Village. It is also resolved that due to above said reasons the reasons for decisions of any upper level unit is not required to be given to its lower level unit

 

Issue-5

Agenda- How to protect Muslim community from the Muslim politicians guided by the anti Muslim forces?

Decision- It is observed that segmentation of Voter Community is dangerous for their economic interests. It is also observed that the conflicts between the communities and its politicians are the result of faulty election system. Hence therefore, it was unanimously resolved that the unity of voters must be strengthen by party to get success in our mission of Votership Right. Also resolved to expose the bribery committed by the Muslim Politicians availed from Anti Muslim forces in lieu of provoking the Muslims against other religious communities in the name of Muslim unity.

Issue-6

Agenda- What steps may be taken to transform our image as NGO to an Aggressive and dynamic political party?

Decision-

Decision- It was unanimously resolved that an election training will be conducted regularly to ensure better performance in elections.

Agenda- How the beneficiaries of PM Kisan Samman Nidhi and of Arunoday shchemes may be deployed in struggle of Votership Right?

Decision- It was unanimously resolved that New Front in the name of Kissan Morcha or Farmers Front will be formed at all levels in VPI. Also resolved that a New Front in the name of Arunoday Morcha or Arunoday Beneficiaries Front will be formed at all levels in VPI.

Question and answers

Question- When Votership money will be received?

Answer- Only when the government of the State/Country shall pass a law to that effect.

 

Organizational questions

Q- What is share of various vertical units of the party in donations made to party?

Answer- It was informed that as per the constitution of the party the share is highest at bottom level units and will be lowest at top level.

 

Question- For ousting the fascist force like BJP from power, whether the VPI should form alliance with Mamata Banerjee's party?

Answer- VPI can form alliance with TMC only on condition of companying INC to insure the ousting of BJP from power and to maintain communal harmony in the country.

Question- Whether donations should be directly made to block and district committee workers?

Answer- All donations will be deposited into the bank account of the VPI for maintaining transparency.

Question- Whether donations collected for the VPI is donation or fee?

Answer- All money is collected from the public for VPI is donations only.

Question- Whether votes should be made transferable to other aligned parties?

Answer- Separate training will be organized in the matter of conduct of party members with aligned parties. It is possible only when votes of other aligned parties would shift to VPI.

Question- After how many years the Primary membership and PMA number expires?

Ans.-PMA No expires after 4 years.

 

Question- Whether the PMA no. without mention of the year has relevance.

Answer- PMA no. is useless if the year is not mentioned as it cannot be identified.

 

Question- After how many years the tenure of office bearers expires?

Answer- Tenure of the Office bearers expires after 4 years. Next elections will be conducted from Nov. 2023 to October 2024.

 

Question- Who decides/allots the Posts and Level to office bearers?

Answer- Posts and Levels are finally allotted by upper level units and through elections and as per party Constitution relevant guidelines.

 

Question- What is system and donation amount of renewal? Rs.100/-

Answer- Renewal may be done by minimum donation of Rs. 100/- and it should be done only by online method

 

Election Related Questions

Question- How the O mentality rich candidates are beneficial if they donate a sound amount to a party?

Answer- The O mentality rich candidates are beneficial if they donate a sound amount to a party without any doubt.

 

Question- Why no results have been produced in spite of Long period of struggle? In so many years why our party is not recognized by public?

Answer- In comparison to big political parties our struggle period is very short. Our party is recognized by public as per the ratio of membership and works of party workers.

 

Question- We are not getting vote even equal to number of our active workers, why?

Answer- Organizational unity, formation of booth level committee and complaint in police against anti social elements are some solution.

 

Question- What is mechanism to prevent our supporters to fall into allurement of money and current media narrative?

Answer- Organizational unity, formation of booth level committee and complaint in police against anti social elements are some solution.

 

Question- Why during elections party workers themselves go here and there, to other parties?

Answer- The political maturity is not developed in some VPI members and workers.

 

Question- During elections the VPI workers are allured and threatened, what steps should be taken?

Answer- Organizational unity, formation of booth level committee and complaint in police against anti social elements are some solutions.

 

Question- Other parties restrain our workers, what is solution?

Answer- Organizational unity, formation of booth level committees and complaints in police stations are some solution.

 

Question- How to protect votes from Political Dalals?

Answer- Organizational unity, formation of booth level committee and complaint in police against anti social elements are some solutions.

 

Question- VPI workers work 1825 Days in 5 years for VPI but during elections many work for Dalal Parties, why?

Answer- Character building of workers is needed at all levels.

 

Question- Less Members More Votes in some constituencies BUT More Members Less Votes in some constituencies – Why?

Answer- It happens only where threat perception is high for VPI workers. Organizational unity, formation of booth level committee and complaint in police against anti social elements are some solutions.

 

Question- Poor people are losing hope due to delay in votership. we lost elections due to lack of funds. We are unable to offer tea, food, travelling expenses.

Answer- The traditional method to win elections cannot serve the purpose of VPI.

 

Question- Have the party had promised to give salary to workers of Block and District?

Answer- Party is not company, so there is no provision of salaries to be given by the party.

 

Question- Will party pay some money against expenditure incurred in coming to rallies?

Answer- Coming to rallies and working for political parties are social works and social works. That is why VPI is demanding that Govt. should recognize these works and make law to pay such social/political workers.

 

Question- Government don’t give Rashan if No vaccine, what to do?

Answer- Being a political party we cannot comment on vaccination.

 

Question- Have we not surrendered today before BJP?

Answer- No, VPI did what is expected of a civilized cadre of party and as law abiding citizens. However, legal steps in this regard will be taken.

 

Question- Many people say they have only RDR, not Certificate and ID card?

Answer- Such members should use online system to get membership, ID Card and Certificate.

 

Question- Why members don’t give monthly donation to party?

Answer- Upper level office bearers should start at their own level first, then motivate the lower level units to ensure regular donations to support the Party.

 

Question- What happened with passbook issued earlier?

Answer- Due to lack of Sector and village committees, the members of VPI are not understanding the benefits of monthly donation. However, now with online system, passbooks will have no relevance.

 

Question- Why mistrust amongst workers is widely seen?

Answer- Character building of workers is needed at all levels.

 

Question- Senior workers don’t work, what steps should be taken?

Answer- At least yearly, one day training of senior workers is required.

 

Question- क्या राजनीति पैसा कमाने की जगह है?

Answer- Politics is not the platform for earning money that is why wide spread corruption and political crime is seen. However, When RDR system will be approved by law then People in Politics will get remuneration for their service and corruption will be stopped/minimized.

 

Question- How the Security volunteers may be reactivated?

Answer- Proper Training, Revamping, New Recruits.

 

Question- Weather medicine, meditation and health classes should included in the training?

Answer- Yes, it will add uniqueness to our Party and will be beneficial to all,

 

Question- We must be aggressive, I myself fought with police.

Answer- We all need to stand up for our Rights.

 

Question- Why the Goreshwar block should be divided into two area?

Answer- Block area can be divided into 4 areas of Circles.

 

Question- How to inculcate revolutionary thinking to mobilize public?

Answer- By regular proper training and giving own behavior as examples.

 

Question- BJP vote is increasing due to PM Kisaan Nidhi, Arunoday, Old age Pension?

Answer- We need to educate the public by informing public that the money given by government is less and it should not be less than half of per capita income (i.e. Rs. 8000 as calculated in year 2021). Awareness of the public will change the situation and people will start voting for VPI.

 

RDR related Questions

Question- RDR will be given online or Offline in future?

Answer- Numbers of RDR certificates may be given online by software and the network of cadre of party may deliver the applicants offline.

 

Question- When RDR will be given?

Answer- Only certificates for RDR will be issued by VPI and we will continue to raise our demand with the govt to frame laws to pay the political workers and social workers in lieu of their service to political and social works.

 

Decisions

1.       Monthly demonstrations will be conducted in Guwahati. Duty of two workers for dharna shall be deputed at district level and at Guwahati.

2.       Grievance redressal system will be evolved. Online complaint form will remain open at all time 24x7.

3.       Election Training of all office bearers separately will be conducted 6 monthly.

4.       Networking of CSP (Customer Service Point ) will be introduced.

5.       Upper level units will issue regular directions and tasks and regular follow up will Also be done for assessment of RDR certificate.

6.       Regular attention will be paid to online/offline applications and an interview will be conducted on applications received for various Vacancies.

7.       Administrative co-ordination Cell will be formed at State and District level for keeping regular touch with CS, DGP, DCs, SDOs, and SPs.

8.       Offline and online donation campaign for office building will be started from 5th January, 2022.

9.       चैनल वार और अखबार वार मीडिया प्रतिनिधियों की नियुक्ति किया जाए.

10.   Roster duty for social media in Central/regional offices is must for training.

Suggestions

1.    Formation of Booth Unit will automatically increase Votes.

2.    Campaign for Removal of EVM is must.

3.    We must fight non violently with patience. We are lucky to avail company of Sh. Vihwatma Sir who is Ambedakar of present day.

4.    Influential/effective leaders must be recruited (in reference with Baihata Hospital case and the New Bongaigaon training case).

Complaints and Action

Complaint- No respect is seen by upper level office bearers

Action- Up gradation of self personality and character building is required to avail respect. Giving respect is the best way to get respect.

 

Complaint- State office is not working correctly.

Action- Till alternate competent office bearers to work at state level, the present office bearers should be obeyed to maintain discipline.

 

Complaint- Why Tarani ji, Suleman etc were not trusted during Nagaland case? Why were they asked to return without completing bail formalities?

Action- Because there were threat to their lives. The lawyer Babita Sharma Goyal explained the situation. It is advised that the mistrust on upper level office bearers like in Nagaland case is dangerous for party and suicidal for if trust is lost. Decisions need to be respected.

 

Complaint- Block and district committee members are not duly authorized by party hence local administrations don’t recognize.

 

Action- After issuing the ID cards to office bearers, circulars will be issued by the state committee to DC, Sp SDO of concerned districts conveying them the details of the office bearers.

 

Complaint- I don't like Lalit Pegu.

Action- It may be a personal issue of complainant. Office bearers are nominated or elected by the collective decision not by personal choice of any particular worker of the party. Personal likes and dislikes should not have place for bigger good.

 

Complaint- Bed and food system is up-to-date only for only top leaders.

Action- There are many instances when top leaders/Workers are doing works of a peon of the party many times without any complain. Collectively we need to rise from petty issues.

 

Complaint- Complaint of Idleness of Dhubri committee workers was submitted.

Action- Reconstitution Dhubri Committee will be done by state unit.

 

Complaint- Muslims and Boro workers are not treated well.

Action- This allegation was not ratified by the participants of the conference.

 

Complaint- बोरो और आदिवासी और मुस्लिम संगठनों से बातचीत के लिए प्रतिनिधिमडल का गठन किया जाए।

Action- A committee will be formed at district and state level.

 

Complaint- What is source of fund for block and District office expenditure?

Action- After online system this complaint will be resolved.

 

Complaint- Nobody cares if workers fall aggrieved.

Action- It was resolved that a team will be formed at all levels to take care of the office bearers of subordinate committees.

 

Complaint- Complaint against below mentioned many workers was submitted-

1. Vipul Narzary

2. Abu Sama

3. Saiful Chaudhary-

4. Rajesh Narzary

5. Suraj Brahma

6. Mwktang, 

7. Noor Islam

8. All Members of committee of Chirang & Kokarajhar

Hearing of complaints against below mentioned party workers the matter was forward to disciplinary Action Committee of the state.

Demand

Rs 25000 needed for Wall Painting in Udalguri. Budget granted.

Discussion is opened

How a person appropriate for CM post from VPI may be identified?

What is the method of Student Organizations to collect donations from the masses?

Reassamies

ভোটাৰ্চ পাৰ্টি ইণ্টাৰনেচনেল, ভিপিআই।

 ৰঙিয়া: আজি ২৭ আৰু ২৮ ডিচেম্বৰ, ২০২১ তাৰিখে অসমৰ কামৰূপ জিলাৰ ৰঙিয়া চহৰত অনুষ্ঠিত ভিপিআই'ৰ  ৰাজ্যিক পৰ্যায়ৰ পদাধিকাৰী সকলৰ এখন  সন্মিলন অনুষ্ঠিত হৈ যায়। দলটোৰ নীতি-নিৰ্দেশক শ্ৰী বিশ্বাত্মা সন্মিলনত মুখ্য অতিথি হিচাপে উপস্থিত আছিল। শ্ৰীমতী ববিতা শৰ্মা গোৱেলৰ সভাপতিত্বত দলটোৰ ৰাজ্যিক সভাপতি শ্ৰী ললিত পেগুয়ে সন্মিলনখন পৰিচালনা কৰে।  ধেমাজি, লখিমপুৰ, বিশ্বনাথ, শোণিতপুৰ, ওদালগুৰি, দৰং, বক্সা, চিৰাং, কোকৰাঝাৰ, ধুবুৰী, বঙাইগাঁও, গোৱালপাড়া, কামৰূপ, নগাওঁ, মৰিগাঁও আৰু গুৱাহাটীৰ পৰা প্ৰায় ৮০০ পদাধিকাৰীয়ে সন্মিলনখনত অংশগ্ৰহণ কৰে।

সন্মিলনত বহুতো সিদ্ধান্ত গ্ৰহণ কৰা হয়। অংশগ্ৰহণকাৰী সকলে সোধা বহু প্ৰশ্নৰ আলোচনা আৰু উত্তৰ আৰু কেবাখনো প্ৰস্তাৱ গৃহীত কৰা হয়। বহুতো অভিযোগ পুন: সমাধান কৰাৰ লগতে বহু পৰামৰ্শ দাখিল কৰা হয়।

 

नीतिगत मुद्दों पर चर्चा

নীতিগত বিষয়ৰ ওপৰত আলোচনা

সংখ্যা-১,

কাৰ্য্যসূচী:- গত অসম বিধানসভাৰ সাধাৰণ নিৰ্বাচনত দলটোৱে প্ৰাপ্ত কৰা কম ভোট দেখি, ভৱিষ্যতে দ'লে নিৰ্বাচন ২০ বছৰৰ বাবে প্ৰতিদ্বন্দিতা কৰিব নালাগে ?

সিদ্ধান্ত:- এইটো সৰ্বসন্মতভাৱে সংকল্প লোৱা হ'ল যে, দলটোৱে ভৱিষ্যতে নিৰ্বাচনত প্ৰাৰ্থী জয়ী কৰিবলৈ সাংগঠনিক গাঁথনি উন্নত কৰিব আৰু দলটোৱে ভৱিষ্যতে নিৰ্বাচনত প্ৰতিদ্বন্দিতা অব্যাহত ৰাখিব। 

 

সংখ্যা-২,

কাৰ্যসূচী:- আমি আমাৰ দলৰ মূল লক্ষ্যক উপেক্ষা কৰি মাত্ৰ নিৰ্বাচন জিকাৰ নীতি গ্ৰহণ কৰা উচিত নে ?

সিদ্ধান্ত:- এইটো সৰ্বসন্মতভাৱে সমাধান কৰা হৈছিল যে, দলে নিজৰ লক্ষ্যৰ সৈতে সংযুক্ত থাকিব, সেয়েহে প্ৰস্তাৱটো অস্বীকাৰ কৰা হৈছে।

 

সংখ্যা-৩,

কাৰ্য্যসূচী:- যিসকল লোক ধনী, জ্ঞানত যোগ্য আৰু পৰিস্থিতিৰ লগত যুজিবলৈ সক্ষম, তেওঁলোকে দলৰ পৰা ধন দাবী নকৰাকৈ দলীয় সংগঠনত কাম কৰিব বিচাৰে তাৰ বাবে কি ব্যৱস্থা লোৱা উচিত ?

क्या उपाय किया जाये जिससे कि धन में, ज्ञान में और जोखिम लेने में योग्य लोग बिना पैसे के पार्टी संगठन में काम करें?

সিদ্ধান্ত:- এইটো সৰ্বসন্মতভাৱে সংকল্প লোৱা হ'ল যে,দলে ইয়াৰ বাবে এখন সমিতি গঠন কৰিব যি সমিতিয়ে এনে লোক সকলক চিনাক্ত কৰিব আৰু বিত্তীয় সংকটত বাস কৰিবলৈ বাধ্য হোৱা সংখ্যাগৰিষ্ঠলোকৰ প্ৰতি মৰম জাগ্ৰত কৰিব আৰু সকলো পৰিয়ালৰ শান্তি আৰু বৰ্ধিত সমৃদ্ধি বজাই ৰখাত আসক্তি গঢ়ি তুলিব।

 

সংখ্যা-৪,

কাৰ্য্যসূচী:- এফালে দ'লৰ সাৰ্বভৌমত্ব বজাই ৰখা আৰু আনফালে দ'লৰ সৰ্বাধিক পদাধিকাৰীৰ জ্ঞান আৰু অনুভৱ বৃদ্ধি কৰাৰ উপায় কি হ'ব পাৰে ?

সিদ্ধান্ত:- এইটো সৰ্বসন্মতভাৱে সমাধান কৰা হ'ল যে, এফালে দ'লৰ সাৰ্বভৌমত্ব বজাই ৰাখি দ'লৰ সৰ্বাধিক পদাধিকাৰী সকলৰ জ্ঞান আৰু অভিজ্ঞতা অন্তৰ্ভুক্ত কৰাৰ উদ্দেশ্যে দলে দলীয় সংবিধান কঠোৰভাৱে অনুসৰণ কৰিব। সেয়েহে দলে নিৰ্দিষ্ট সমিতিৰ সকলো ক্ষমতা উক্ত সমিতিৰ সভাপতিৰ হাতত ন্যস্ত কৰা হ'ব আৰু সংবিধানৰ বিধান অনুসৰি ৰাষ্ট্ৰপতিয়ে ইয়াৰ সমিতি'টো চলাব। ই ব্লক, চাৰ্কোল, চেক্টৰ আৰু গাওঁ দৰে প্ৰতিটো স্তৰৰ এককত সমানে প্ৰযোজ্য হ'ব। এইটোও সমাধান কৰা হৈছে যে, ওপৰোক্ত কাৰণবোৰৰ বাবে যিকোনো উচ্চ স্তৰৰ সমিতিৰ সিদ্ধান্তৰ কাৰণ ইয়াৰ নিম্ন স্তৰৰ সমিতিক দিয়াৰ প্ৰয়োজন নাই।

 

সংখ্যা-৫,

কাৰ্য্যসূচী:- মুছলমান বিৰোধী শক্তিৰ দ্বাৰা নিৰ্দেশিত মুছলমান ৰাজনীতিবিদ সকলৰ পৰা মুছলমান সম্প্ৰদায়ক কেনেদৰে সুৰক্ষিত কৰিব পৰা যায় ? 

সিদ্ধান্ত:- দেখা গৈছে যে, নিৰ্বাচনত ভোটৰ বিভাজন, ভোটাৰ সম্প্ৰদায়ৰ অৰ্থনৈতিক স্বাৰ্থৰ বাবে বিপদজনক। এইটোও দেখা গৈছে যে, ভোটাৰ সম্প্ৰদায় আৰু ইয়াৰ ৰাজনীতিবিদ সকলৰ মাজৰ সংঘাত, ত্ৰুটিপূৰ্ণ নিৰ্বাচন প্ৰণালীৰ ফলাফল। সেয়েহে, আমাৰ ভোটাৰশ্বিপ' অধিকাৰৰ লক্ষ্যত সফলতা লাভ কৰিবলৈ ভোটাৰ সকলৰ ঐক্য দলৰ দ্বাৰা শক্তিশালী কৰিব লাগিব বুলি সৰ্বসন্মতভাৱে সংকল্প লোৱা হৈছে। মুছলমান ঐক্যৰ নামত মুছলমান সকলক আন ধৰ্মীয় সম্প্ৰদায়ৰ বিৰুদ্ধে উত্তেজিত কৰাৰ পৰিৱৰ্তে মুছলমান বিৰোধী শক্তিৰ পৰা লাভ কৰা মুছলমান ৰাজনীতিবিদ সকলে অন্য দলৰ পৰা লোৱা উৎকোচ উন্মোচন কৰাৰ সংকল্প লোৱা হৈছে। 

 

সংখ্যা-৬,

কাৰ্য্যসূচী:- ভোটাৰ্চ পাৰ্টি ইন্টাৰনেছনেল'ক এনজিঅ' হিচাপে থকা  আমাৰ ভাবমূৰ্তিক আক্ৰমণাত্মক আৰু গতিশীল ৰাজনৈতিক দ'ললৈ ৰূপান্তৰ কৰিবলৈ কি পদক্ষেপ লোৱা হ'ব পাৰে ?

সিদ্ধান্ত:- এইটো সৰ্বসন্মতভাৱে সমাধান কৰা হ'ল যে, নিৰ্বাচনত উন্নত ফলাফল প্ৰদৰ্শন সুনিশ্চিত কৰাৰ বাবে নিয়মীয়াকৈ নিৰ্বাচনী প্ৰশিক্ষণ অনুষ্ঠিত কৰা হ'ব।

 

কাৰ্য্যসূচী:- ভোটাৰশ্বিপ'ৰ সংগ্ৰামত প্ৰধানমন্ত্ৰীৰ "কৃষক সন্মান নিধি","অৰুণোদয়" আৰু "শ্বয়ম" আঁচনিৰ  হিতাধিকাৰী সকলক কেনেদৰে নিয়োজিত কৰা হ'ব পাৰে ?

 

সিদ্ধান্ত:- সৰ্বসন্মতিক্ৰমে এইটো সমাধান কৰা হ'ল যে, "কৃষক মৰ্চা' বা "ফাৰ্মাৰ্ছ ফ্ৰণ্ট"ৰ নামত নতুন গোট' ভিপিআই'ৰ সকলো স্তৰত গঠন কৰা হ'ব। লগতে সকলো স্তৰতে "অৰুণোদয় মৰ্চা" বা 'অৰুণোদয় হিতাধিকাৰী মৰ্চা"ৰ নামত এটা নতুন কোষ গঠন কৰা হ'ব।

 

सवाल और जवाब প্ৰশ্নোত্তৰ

 

প্ৰশ্ন:- ভোটাৰশ্বিপ'ৰ টকা কেতিয়া পাম ?

উত্তৰ:- যেতিয়া ৰাজ্য অথবা দেশৰ চৰকাৰে ইয়াৰ ওপৰত আইন প্ৰস্তুত কৰিব, তেতিয়াই পাব।

 

 

संगठनात्मक प्रश्न

সাংগঠনিক প্ৰশ্নসমূহ

 

প্ৰশ্ন:- দ'ললৈ দিয়া অনুদানত দলৰ বিভিন্ন নিম্ন স্তৰৰ অংশ কিমান ?

উত্তৰ:- এইটো জনোৱা হৈছে যে, দলৰ সংবিধান অনুসৰি অংশ তলৰ পৰ্যায়ৰ এককত সৰ্বাধিক আৰু শীৰ্ষ পৰ্যায়ত সৰ্বনিম্ন হ'ব।

 

প্ৰশ্ন:- বিজেপি'ৰ দৰে ফেচিষ্ট শক্তিক ক্ষমতাৰ পৰা উৎখাত কৰাৰ বাবে, ভিপিআই'য়ে মমতা বেনাৰ্জীৰ দ'লৰ সৈতে মিত্ৰতা কৰিব লাগে নেকি ? 

উত্তৰ:- ভিপিআই'য়ে বিজেপি'ক ক্ষমতাৰ পৰা আঁতৰাবলৈ আৰু দেশত সাম্প্ৰদায়িক সম্প্ৰীতি বজাই ৰখাৰ বাবে লিখিত সংবিধানৰ চৰ্তত টিএমচিৰ সৈতে মিত্ৰতা গঢ়িব পাৰে।

 

প্ৰশ্ন:- জিলা সমিতিৰ পদাধিকাৰী সকলক পোন:পতিয়াকৈ অনুদান দিয়া উচিত নে ?

উত্তৰ:- স্বচ্ছতা বজাই ৰখাৰ বাবে সকলো অনুদান ভিপিআই'ৰ বেঙ্ক একাউণ্টত জমা কৰা হ'ব।

 

প্ৰশ্ন:- ভিপিআই'ৰ বাবে সংগ্ৰহ কৰা অনুদান দাঁন নে মাচুল ?

উত্তৰ:- ভিপিআই'ৰ বাবে সকলো ধন ৰাইজৰ পৰা সংগ্ৰহ কৰা হয় কেৱল দাঁন হিচাপেহে।

 

প্ৰশ্ন:- নিৰ্বাচনত পৰিস্থিতি অনুসৰি ভোট অন্য দ'ললৈ স্থানান্তৰ কৰা উচিত নে ? 

উত্তৰ:- দ'লৰ সদস্য সকলৰ সৈতে সংৰক্ষিত দলৰ আচৰণৰ ক্ষেত্ৰত পৃথক প্ৰশিক্ষণৰ আয়োজন কৰা হ'ব। এইটো তেতিয়াহে সম্ভৱ যেতিয়া আন সংৰক্ষিত দলৰ ভোট ভিপিআই'লৈ স্থানান্তৰিত হ'ব।

প্ৰশ্ন:- প্ৰাথমিক সদস্যতা আৰু পিএমএ নম্বৰৰ ম্যাদ কিমান বছৰ ?

উত্তৰ:- প্ৰাথমিক সদস্যতা আৰু পিএমএ নম্বৰ ৪ বছৰৰ পিছত উকলি যাব।

 

প্ৰশ্ন:- পিএমএ নম্বৰত চন উল্লেখ নকৰাকৈ প্ৰাসংগিকতা আছে নে ?

উত্তৰ:- পিএমএ নম্বৰ, যদি চন উল্লেখ কৰা নহয়, কিয়নো ইয়াক চিনাক্ত কৰিব নোৱাৰি তেন্তে অপ্ৰয়োজনীয়।

 

প্ৰশ্ন:- কিমান বছৰৰ পিছত  কাৰ্য্যকাল উকলি যায়?

উত্তৰ:- কাৰ্যকাল ৪ বছৰৰ পিছত সমাপ্ত হ'ব। পৰৱৰ্তী দলীয় নিৰ্বাচন নৱেম্বৰ ২০২৩ ৰ পৰা অক্টোবৰ ২০২৪ লৈ অনুষ্ঠিত হ'ব।

 

প্ৰশ্ন:- পদ আৰু স্তৰ কাৰ্য্যালয়ৰ পদাধিকাৰীক কোনে সিদ্ধান্ত/আৱণ্টন কৰে ?

উত্তৰ:- পদ আৰু স্তৰবোৰ অৱশেষত উচ্চ স্তৰৰ সমিতিৰ দ্বাৰা আৰু নিৰ্বাচনৰ জৰিয়তে আৰু দলীয় সংবিধানিক প্ৰাসঙ্গিকতাৰ নিৰ্দেশনা অনুসৰি অনুমোদন কৰা হয়।

 

প্ৰশ্ন:- নৱীকৰণ প্ৰনালী আৰু দাঁনৰ পৰিমাণ কিমান ? ১০০/- টকা নে ?

উত্তৰ:- নৱীকৰণ  নিম্নতম ১০০/- টকা দাঁনৰ দ্বাৰা কৰা হ'ব পাৰে আৰু এইটো কেৱল অনলাইন পদ্ধতিৰে কৰিব লাগে।

 

चुनाव से जुड़े सवाल

নিৰ্বাচন সম্পৰ্কীয় প্ৰশ্নসম